Q: Comprehension: एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पों मे सही विकल्प चुने । आधुनिक भारतीय नारी एक साथ दो भूमिकाएं निभा रही है। वह एक ओर घर-गृहस्थी संभालकर पारिवारिक उत्तरदायित्वों का निर्वाह कर रही है, वहीं दूसरी ओर नौकरी तथा अन्य व्यवसायों के माध्यम से धनोपार्जन कर रही है । इस कारणवश उस पर दोहरे दायित्व आ गए हैं। वे आज इन दोनों स्थितियों के मध्य अत्यधिक संघर्षशील हो गई हैं । उसकी इस संघर्ष - शक्ति के कारण समाज विकास के मार्ग पर ते़जी से अग्रसर हो रहा है । पहले नारी का स्थान घर की चारदीवारी तक सीमित था। समाज पुरुष प्रधान था । पुरुष और नारी के कार्यों का स्पष्ट विभाजन था। पुरुष धन कमाता था । नारी पारिवारिक उत्तरदायित्वों का पालन करती थी । वह आर्थिक रूप से पूर्णतया पुरुष पर आश्रित थी । इसलिए उसे पुरुष के समान नहीं समझा जाता था । उसे ‘भोग्या’ की संज्ञा दी गई थी । उसके चारों ओर मर्यादाओं का चक्रव्यूह रच दिया जाता था । उसे त्याग की मूर्ति कहकर त्याग की अपेक्षाएँ की जाती थीं । विदेशी आक्रमणकारी लूट-मार करते थे। वे नारियों पर विशेष रूप से अत्याचार करते थे। उन्हें लूट का माल समझकर बाँटा जाता था । इसी कारणवश नारी को परदे में रखने का प्रथा का प्रचलन हुआ वैदिक युग में यह स्थिति नहीं थी। तब नारी को पुरुष से बढ़कर सम्मान मिलता था । नारी की शिक्षा पर बल दिया जाता था। वेदों की अनेक ऋचाएँ नारियों द्वारा ही लिखी गई हैं । उस समय गार्गी जैसी विदुषी नारियाँ पुरुषों के साथ शास्त्रार्थ करती थीं । याज्ञवल्क्य ऋषि की पत्नी मैत्रेयी सीता की शिक्षिका थीं । समय के परिवर्तन के साथ-साथ नारी की सामाजिक स्थिति में भी परिवर्तन होता चला गया । स्वतंत्रता के पश्चात् नारी-शिक्षा पर विशेष बल दिया । भारतीय नारी एक साथ कितनी भूमिका निभा रही है?
A.
5
B.
2
C.
3
D.
4
Correct Answer:
Option B - भारतीय नारी एक साथ दो भूमिकाएं निभा रही है।
B. भारतीय नारी एक साथ दो भूमिकाएं निभा रही है।
Explanations:
भारतीय नारी एक साथ दो भूमिकाएं निभा रही है।
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