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Q: यशपाल की आत्मकथा है –
  • A. नीड़ का निर्माण फिर
  • B. सिंहावलोकन
  • C. मेरी जीवन-यात्रा
  • D. मेरा जीवन-प्रवाह
Correct Answer: Option B - सिंहावलोकन' यशपाल द्वारा लिखी गई आत्मकथा है। कथाकार यशपाल की यह आत्मकथा तीन खण्डों में क्रमश: 1951, 1952 तथा 1955 में प्रकाशित हुई। `नीड़ का निर्माण फिर, डॉ. हरिवंश राय बच्चन की, `मेरा जीवन प्रवाह' वियोगी हरी की तथा `मेरी जीवन यात्रा' राहुल सांकृत्यायन की आत्मकथाएँ हैं।
B. सिंहावलोकन' यशपाल द्वारा लिखी गई आत्मकथा है। कथाकार यशपाल की यह आत्मकथा तीन खण्डों में क्रमश: 1951, 1952 तथा 1955 में प्रकाशित हुई। `नीड़ का निर्माण फिर, डॉ. हरिवंश राय बच्चन की, `मेरा जीवन प्रवाह' वियोगी हरी की तथा `मेरी जीवन यात्रा' राहुल सांकृत्यायन की आत्मकथाएँ हैं।

Explanations:

सिंहावलोकन' यशपाल द्वारा लिखी गई आत्मकथा है। कथाकार यशपाल की यह आत्मकथा तीन खण्डों में क्रमश: 1951, 1952 तथा 1955 में प्रकाशित हुई। `नीड़ का निर्माण फिर, डॉ. हरिवंश राय बच्चन की, `मेरा जीवन प्रवाह' वियोगी हरी की तथा `मेरी जीवन यात्रा' राहुल सांकृत्यायन की आत्मकथाएँ हैं।