Correct Answer:
Option B - येनाङ्गविकार:- जिस विकृत अङ्ग से अङ्गी का विकार लक्षित हो, उससे अर्थात् उसके वाचक शब्द से तृतीया होती है। जैसे – ‘अक्ष्णा काण:’। यहाँ आँख रूप विकृत अङ्ग से ‘अन्धे’ रूप अङ्गी का बोध हो रहा है। अत: यहाँ आँख में तृतीया विभक्ति हुई है।
B. येनाङ्गविकार:- जिस विकृत अङ्ग से अङ्गी का विकार लक्षित हो, उससे अर्थात् उसके वाचक शब्द से तृतीया होती है। जैसे – ‘अक्ष्णा काण:’। यहाँ आँख रूप विकृत अङ्ग से ‘अन्धे’ रूप अङ्गी का बोध हो रहा है। अत: यहाँ आँख में तृतीया विभक्ति हुई है।