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Q: यमेन श्रेयप्रेयविवेचनं कस्यां उपनिषदि विद्यते?
  • A. बृहदारण्यके
  • B. छान्दोग्ये
  • C. ईशावास्ये
  • D. कठोपनिषदि
Correct Answer: Option D - यम के द्वारा दिये गये श्रेयप्रेय का विवेचन कठोपनिषद् में प्राप्त होता है। कठोपनिषद् कृष्णयजुर्वेद की कठ् शाखा से सम्बन्धित है। यजुर्वेद के दो सम्प्रदाय मिलते हैं- (1) कृष्ण यजुर्वेद (2) शुक्ल यजुर्वेद। कठोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद के कठ संहिता का है। इसी में श्रेय-प्रेय के बारे में यमराज ने विस्तार से वर्णन किया है।
D. यम के द्वारा दिये गये श्रेयप्रेय का विवेचन कठोपनिषद् में प्राप्त होता है। कठोपनिषद् कृष्णयजुर्वेद की कठ् शाखा से सम्बन्धित है। यजुर्वेद के दो सम्प्रदाय मिलते हैं- (1) कृष्ण यजुर्वेद (2) शुक्ल यजुर्वेद। कठोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद के कठ संहिता का है। इसी में श्रेय-प्रेय के बारे में यमराज ने विस्तार से वर्णन किया है।

Explanations:

यम के द्वारा दिये गये श्रेयप्रेय का विवेचन कठोपनिषद् में प्राप्त होता है। कठोपनिषद् कृष्णयजुर्वेद की कठ् शाखा से सम्बन्धित है। यजुर्वेद के दो सम्प्रदाय मिलते हैं- (1) कृष्ण यजुर्वेद (2) शुक्ल यजुर्वेद। कठोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद के कठ संहिता का है। इसी में श्रेय-प्रेय के बारे में यमराज ने विस्तार से वर्णन किया है।