Correct Answer:
Option A - 1966 मेें महिला वर्ग ने प्रारम्भिक लिंग भूमिका विकास का एक क्रांतिकारी नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था। महिला वर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे अपने दिमाग में एक वैचारिक पैटर्न के माध्यम से सक्रिय रूप से अपने लिंग का निमार्ण करते है, जिसे ‘स्कीमा’ कहा जाता है।
कोहलबर्ग ने लिंग पहचान के विकास मेें निम्नलिखित तीन चरणों को बताया है-
1)लिंग स्थायित्व
2) लिंग वर्गीकरण
3)तथा लिंग अनुकूलता
A. 1966 मेें महिला वर्ग ने प्रारम्भिक लिंग भूमिका विकास का एक क्रांतिकारी नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था। महिला वर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे अपने दिमाग में एक वैचारिक पैटर्न के माध्यम से सक्रिय रूप से अपने लिंग का निमार्ण करते है, जिसे ‘स्कीमा’ कहा जाता है।
कोहलबर्ग ने लिंग पहचान के विकास मेें निम्नलिखित तीन चरणों को बताया है-
1)लिंग स्थायित्व
2) लिंग वर्गीकरण
3)तथा लिंग अनुकूलता