Correct Answer:
Option C - यक्ष का प्रवास रामगिरि पर्वत पर था। यक्ष कुबेर द्वारा शापित होकर एक वर्ष की अवधि में से 8 मास रामगिरि पर्वत पर बिता चुका था। ‘मेघदूतम्’ में यक्ष के शाप के बारे में यह पंक्ति निर्दिष्ट है– ‘‘शापेनास्तङ्मितमहिमावर्षभोग्येणभर्तु:’’।
C. यक्ष का प्रवास रामगिरि पर्वत पर था। यक्ष कुबेर द्वारा शापित होकर एक वर्ष की अवधि में से 8 मास रामगिरि पर्वत पर बिता चुका था। ‘मेघदूतम्’ में यक्ष के शाप के बारे में यह पंक्ति निर्दिष्ट है– ‘‘शापेनास्तङ्मितमहिमावर्षभोग्येणभर्तु:’’।