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Q: यक्ष का प्रवास किस पर्वत पर था?
  • A. देवगिरि
  • B. नीलगिरि
  • C. रामगिरि
  • D. उदयगिरि
Correct Answer: Option C - यक्ष का प्रवास रामगिरि पर्वत पर था। यक्ष कुबेर द्वारा शापित होकर एक वर्ष की अवधि में से 8 मास रामगिरि पर्वत पर बिता चुका था। ‘मेघदूतम्’ में यक्ष के शाप के बारे में यह पंक्ति निर्दिष्ट है– ‘‘शापेनास्तङ्मितमहिमावर्षभोग्येणभर्तु:’’।
C. यक्ष का प्रवास रामगिरि पर्वत पर था। यक्ष कुबेर द्वारा शापित होकर एक वर्ष की अवधि में से 8 मास रामगिरि पर्वत पर बिता चुका था। ‘मेघदूतम्’ में यक्ष के शाप के बारे में यह पंक्ति निर्दिष्ट है– ‘‘शापेनास्तङ्मितमहिमावर्षभोग्येणभर्तु:’’।

Explanations:

यक्ष का प्रवास रामगिरि पर्वत पर था। यक्ष कुबेर द्वारा शापित होकर एक वर्ष की अवधि में से 8 मास रामगिरि पर्वत पर बिता चुका था। ‘मेघदूतम्’ में यक्ष के शाप के बारे में यह पंक्ति निर्दिष्ट है– ‘‘शापेनास्तङ्मितमहिमावर्षभोग्येणभर्तु:’’।