Correct Answer:
Option B - किसी धातु के चालक अर्द्धचालक अथवा कुचालक होना इलेक्ट्रॉन्स की संयोजन क्षमता पर निर्भर करता है। चालक (ठोस) में वैलेन्स इलेक्ट्रॉन्स बहुत कम होते हैं। जिसके कारण इसमें उष्मा धारा इत्यादि का प्रवाह आसान होता है।
अर्द्धचालक में वैलेन्स इलेक्ट्रॉन्स चालक की अपेक्षा अधिक है परन्तु तापमान की नियत वृद्धि पर इसके इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाते है।
कुचालक में वैलेन्स इलेक्ट्रॉन्स अपेक्षाकृत सबसे अधिक होते हैं जो तापमान की अधिकतम वृद्धि पर टूट सकते हैं।
B. किसी धातु के चालक अर्द्धचालक अथवा कुचालक होना इलेक्ट्रॉन्स की संयोजन क्षमता पर निर्भर करता है। चालक (ठोस) में वैलेन्स इलेक्ट्रॉन्स बहुत कम होते हैं। जिसके कारण इसमें उष्मा धारा इत्यादि का प्रवाह आसान होता है।
अर्द्धचालक में वैलेन्स इलेक्ट्रॉन्स चालक की अपेक्षा अधिक है परन्तु तापमान की नियत वृद्धि पर इसके इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाते है।
कुचालक में वैलेन्स इलेक्ट्रॉन्स अपेक्षाकृत सबसे अधिक होते हैं जो तापमान की अधिकतम वृद्धि पर टूट सकते हैं।