Correct Answer:
Option C - धातु आच्छादित (शीथ) वायिंरग तथा टी.आर.एस. अथवा पी.वी.सी. वायर बैटन वायिंरग के प्रकार है–
धातु आच्छादित वायिंरग–तार स्थापन की यह प्रणाली बैटन तार स्थापन प्रणाली की भाँति होती है परन्तु इसमें जो केबिल उपयोग में लाये जाते हैं वे सीसा कोषित (lead sheathed) होते हैं।
लाभ–
1. यह प्रणाली सरल व सुन्दर होती है।
2. यान्त्रिक क्षति से अपेक्षाकृत मुक्त होती है।
3. भू-सम्पर्कन ठीक रखे जाने पर काफी टिकाऊ होती है।
टी.आर.एस. वायिंरग–तार स्थापन की यह प्रणाली बैटन तार स्थापन (batten wiring) प्रणाली भी कहलाती है। इसमें सागवन की लकड़ी की 12.5mm ऊँचाई का विभिन्न चौड़ाई का काष्ठ आधार जिसे बैटन कहते हैं उपयोग में लाया जाता है।
लाभ–
1. इस प्रणाली में तार-स्थापन अपेक्षाकृत सरल व सस्ता है।
2. यह प्रणाली अपेक्षाकृत टिकाऊ है।
3. अच्छी प्रकार किया गया तार स्थापन दर्शनीय भी होता है।
4. धुँआ व रासायनिक प्रभावों से सुरक्षित है।
5. आग लगने का भय बहुत कम रहता है।
टी.आर.एस. वायिंरग में अच्छी कार्य कुशलता की आवश्यकता होती है।
C. धातु आच्छादित (शीथ) वायिंरग तथा टी.आर.एस. अथवा पी.वी.सी. वायर बैटन वायिंरग के प्रकार है–
धातु आच्छादित वायिंरग–तार स्थापन की यह प्रणाली बैटन तार स्थापन प्रणाली की भाँति होती है परन्तु इसमें जो केबिल उपयोग में लाये जाते हैं वे सीसा कोषित (lead sheathed) होते हैं।
लाभ–
1. यह प्रणाली सरल व सुन्दर होती है।
2. यान्त्रिक क्षति से अपेक्षाकृत मुक्त होती है।
3. भू-सम्पर्कन ठीक रखे जाने पर काफी टिकाऊ होती है।
टी.आर.एस. वायिंरग–तार स्थापन की यह प्रणाली बैटन तार स्थापन (batten wiring) प्रणाली भी कहलाती है। इसमें सागवन की लकड़ी की 12.5mm ऊँचाई का विभिन्न चौड़ाई का काष्ठ आधार जिसे बैटन कहते हैं उपयोग में लाया जाता है।
लाभ–
1. इस प्रणाली में तार-स्थापन अपेक्षाकृत सरल व सस्ता है।
2. यह प्रणाली अपेक्षाकृत टिकाऊ है।
3. अच्छी प्रकार किया गया तार स्थापन दर्शनीय भी होता है।
4. धुँआ व रासायनिक प्रभावों से सुरक्षित है।
5. आग लगने का भय बहुत कम रहता है।
टी.आर.एस. वायिंरग में अच्छी कार्य कुशलता की आवश्यकता होती है।