Correct Answer:
Option B - अंबिकादत्तव्यासकृत शिवराजविजय: में यह स्पष्ट है कि योगिराज प्रारम्भ में युधिष्ठिर के समय समाधि लगाकर विक्रमादित्य के समय में उठे थे और पुन: विक्रमादित्य के समय समाधि लगाकर इस दुराचारपूर्ण समय में जागे हैं। इस प्रकार का वर्णन शिवराज विजयम् में है।
B. अंबिकादत्तव्यासकृत शिवराजविजय: में यह स्पष्ट है कि योगिराज प्रारम्भ में युधिष्ठिर के समय समाधि लगाकर विक्रमादित्य के समय में उठे थे और पुन: विक्रमादित्य के समय समाधि लगाकर इस दुराचारपूर्ण समय में जागे हैं। इस प्रकार का वर्णन शिवराज विजयम् में है।