Correct Answer:
Option C - लाइकेन वायु प्रदूषण के संकेतक होते हैं। जहाँ वायु प्रदूषण अधिक होता है, वहाँ लाइकेन नहीं उगते हैं। लाइकेन (शैवाल + कवक = लाइकेन) निम्न श्रेणी की छोटी वनस्पतियों के समूह होते हैं। ये विभिन्न आधारों जैसे- वृक्षों की पत्तियों, छालों, प्राचीन दीवारों, चट्टानों एवं शिलाओं पर उगते हैं। लाइकेन प्राय: दलदली क्षेत्रों में पाये जाते हैं। वायु प्रदूषण के प्रति संवेदी होने के कारण ये प्राय: नगरों के समीप नहीं पाए जाते हैं। ज्ञातव्य है कि लाइकेन सल्फर डाईऑक्साइड (SO₂) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। SO₂ की मात्रा बढ़ने पर ये समाप्त होने लगते हैं।
C. लाइकेन वायु प्रदूषण के संकेतक होते हैं। जहाँ वायु प्रदूषण अधिक होता है, वहाँ लाइकेन नहीं उगते हैं। लाइकेन (शैवाल + कवक = लाइकेन) निम्न श्रेणी की छोटी वनस्पतियों के समूह होते हैं। ये विभिन्न आधारों जैसे- वृक्षों की पत्तियों, छालों, प्राचीन दीवारों, चट्टानों एवं शिलाओं पर उगते हैं। लाइकेन प्राय: दलदली क्षेत्रों में पाये जाते हैं। वायु प्रदूषण के प्रति संवेदी होने के कारण ये प्राय: नगरों के समीप नहीं पाए जाते हैं। ज्ञातव्य है कि लाइकेन सल्फर डाईऑक्साइड (SO₂) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। SO₂ की मात्रा बढ़ने पर ये समाप्त होने लगते हैं।