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Q: निर्देश (136-144) : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। सममिति कई पौधों, जन्तुओं और यहाँ तक कि पानी जैसे कुछ अणुओं का भी गुण होता है। लेकिन घोंघे और उसके कुण्डलित खोल में यह बात नहीं है। ये कुछ इस तरह असममित होते हैं कि इनके दर्पण प्रतिबिम्ब को इनके ऊपर जमाया नहीं जा सकता। हॉकी स्टिक, कैंची और जूतों में भी ऐसा ही होता है। हॉकी स्टिक और कैंचियाँ दाएँ हाथ से काम करने वालों और बाएँ हाथ से काम करने वालों के लिए अलग-अलग बनाई जाती हैं। दक्षिणहस्ती घोंघे का दर्पण प्रतिबिम्ब किसी वामहस्ती घोंघे पर ही फिट बैठ सकता है। इस गुणधर्म के पीछे एक इकलौते जीन का हाथ है जबकि ऐसे शारीरिक लक्षण बहुत कम होते हैं, जिन्हें किसी एक जीन के द्वारा चिह्नित किया जा सके। सजीवों के अधिकांश गुणधर्म कई सारे जीन्स से निर्धारित होते हैं। ‘गुणधर्म’ शब्द का सामासिक विग्रह होगा-
  • A. गुण में धर्म।
  • B. गुण पर धर्म।
  • C. गुण के लिए धर्म।
  • D. गुण का धर्म।
Correct Answer: Option D - गुणधर्म शब्द का सामासिक विग्रह ‘गुण का धर्म’ होगा। सामासिक शब्दों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है। विग्रह के पश्चात सामासिक शब्दों का लोप हो जाता है। जैसे- राज + पुत्र = राजा का पुत्र। समास में दो पद होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तर पद कहते हैं।
D. गुणधर्म शब्द का सामासिक विग्रह ‘गुण का धर्म’ होगा। सामासिक शब्दों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है। विग्रह के पश्चात सामासिक शब्दों का लोप हो जाता है। जैसे- राज + पुत्र = राजा का पुत्र। समास में दो पद होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तर पद कहते हैं।

Explanations:

गुणधर्म शब्द का सामासिक विग्रह ‘गुण का धर्म’ होगा। सामासिक शब्दों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है। विग्रह के पश्चात सामासिक शब्दों का लोप हो जाता है। जैसे- राज + पुत्र = राजा का पुत्र। समास में दो पद होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तर पद कहते हैं।