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Q: With reference to Swadeshi Movement, consider the following statements:/स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. It contributed to the revival of the indigenous artisan crafts and industries./इसने देशी शिल्पकारों के कौशल तथा उद्योगों को पुनर्जीवित करने में योगदान किया। 2. The National Council of Education was established as a part of Swadeshi Movement. स्वदेशी आंदोलन के एक अवयव के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद् की स्थापना हुई थी। Which of the statements given above is/are correct?/उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
  • A. 1 only/केवल 1
  • B. 2 only/केवल 2
  • C. Both 1 and 2/1 और 2 दोनों
  • D. Neither 1 nor 2/न तो 1, न ही 2
Correct Answer: Option C - 1905 ई. के स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में सही कथन है– बंगाल में व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए गए, कलकत्ता में व्यापक हड़ताल की गई तथा आंदोलन की शुरूआत नरमपंथियों द्वारा की गई थी, किन्तु बाद के चरणों में क्रांतिकारी राष्ट्रवादियों ने इसे अपने हाथों में ले लिया। अनेक जगहों पर विदेशी कपड़ों की होली जलायी गयी और विदेशी कपड़े बेचने वाली दुकानों पर धरने दिए गए। विभिन्न समितियों के संगठन एवं श्रमिक हड़तालों के माध्यम से जन-संगठन स्वदेशी आंदोलन की विशेषता थी। यह आंदोलन स्वयं-सेवा अथवा ‘‘आत्मशक्ति’’ के रचनात्मक कार्यक्रम का पक्ष-समर्थक था। कलकत्ता के विशाल सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद स्थापित करने का फैसला किया गया था। शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय विद्यालय स्थापित किए गए। जिसने देशी शिल्पकारों के कौशल व स्वदेशी उद्योगों को पुनर्जीवित करने में योगदान दिया। स्वदेशी आंदोलन के दौरान अनेक कपड़ा मिलें, साबुन और दियासलाई के कारखाने, हैण्डलूूम, राष्ट्रीय बैंक तथा बीमा कम्पनियाँ खोली गई।
C. 1905 ई. के स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में सही कथन है– बंगाल में व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए गए, कलकत्ता में व्यापक हड़ताल की गई तथा आंदोलन की शुरूआत नरमपंथियों द्वारा की गई थी, किन्तु बाद के चरणों में क्रांतिकारी राष्ट्रवादियों ने इसे अपने हाथों में ले लिया। अनेक जगहों पर विदेशी कपड़ों की होली जलायी गयी और विदेशी कपड़े बेचने वाली दुकानों पर धरने दिए गए। विभिन्न समितियों के संगठन एवं श्रमिक हड़तालों के माध्यम से जन-संगठन स्वदेशी आंदोलन की विशेषता थी। यह आंदोलन स्वयं-सेवा अथवा ‘‘आत्मशक्ति’’ के रचनात्मक कार्यक्रम का पक्ष-समर्थक था। कलकत्ता के विशाल सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद स्थापित करने का फैसला किया गया था। शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय विद्यालय स्थापित किए गए। जिसने देशी शिल्पकारों के कौशल व स्वदेशी उद्योगों को पुनर्जीवित करने में योगदान दिया। स्वदेशी आंदोलन के दौरान अनेक कपड़ा मिलें, साबुन और दियासलाई के कारखाने, हैण्डलूूम, राष्ट्रीय बैंक तथा बीमा कम्पनियाँ खोली गई।

Explanations:

1905 ई. के स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में सही कथन है– बंगाल में व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए गए, कलकत्ता में व्यापक हड़ताल की गई तथा आंदोलन की शुरूआत नरमपंथियों द्वारा की गई थी, किन्तु बाद के चरणों में क्रांतिकारी राष्ट्रवादियों ने इसे अपने हाथों में ले लिया। अनेक जगहों पर विदेशी कपड़ों की होली जलायी गयी और विदेशी कपड़े बेचने वाली दुकानों पर धरने दिए गए। विभिन्न समितियों के संगठन एवं श्रमिक हड़तालों के माध्यम से जन-संगठन स्वदेशी आंदोलन की विशेषता थी। यह आंदोलन स्वयं-सेवा अथवा ‘‘आत्मशक्ति’’ के रचनात्मक कार्यक्रम का पक्ष-समर्थक था। कलकत्ता के विशाल सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद स्थापित करने का फैसला किया गया था। शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय विद्यालय स्थापित किए गए। जिसने देशी शिल्पकारों के कौशल व स्वदेशी उद्योगों को पुनर्जीवित करने में योगदान दिया। स्वदेशी आंदोलन के दौरान अनेक कपड़ा मिलें, साबुन और दियासलाई के कारखाने, हैण्डलूूम, राष्ट्रीय बैंक तथा बीमा कम्पनियाँ खोली गई।