Correct Answer:
Option C - विरंजक चूर्ण (Bleaching powder) का उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशित करने के लिए किया जाता है, क्योंकि
जब इसे पानी में डाला जाता है, तो यह क्लोरीन गैस छोड़ता
है। क्लोरीन गैस एक बहुत ही शक्तिशाली ऑक्सीकरण कारक है, जो कई हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्मजीवों को प्रभावी ढंग से मार देता है। क्लोरीन छोड़ने की इसकी क्षमता, कीटाणुनाशक का काम करती है, जिससे पानी पीने के लिए सुरक्षित हो जाता है।
C. विरंजक चूर्ण (Bleaching powder) का उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशित करने के लिए किया जाता है, क्योंकि
जब इसे पानी में डाला जाता है, तो यह क्लोरीन गैस छोड़ता
है। क्लोरीन गैस एक बहुत ही शक्तिशाली ऑक्सीकरण कारक है, जो कई हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्मजीवों को प्रभावी ढंग से मार देता है। क्लोरीन छोड़ने की इसकी क्षमता, कीटाणुनाशक का काम करती है, जिससे पानी पीने के लिए सुरक्षित हो जाता है।