Correct Answer:
Option D - ‘किरातार्जुनीयम्’ पुस्तक के लेखक भारवि है। इनका काल छठी-सातवीं शताब्दी है यह काव्य किरातरुपधारी शिव एवं पांडुपुत्र अर्जुन के बीच के धनुर्युद्ध तथा वाद-वार्तालाप पर केन्द्रित है।
• शुद्रक, मृच्छकटिकम् की रचना है
• कालिदास की रचनायें हैं, मालविकाग्निमित्रम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम् रघुवंशम, मेघदूतं ऋतुसंहार।
D. ‘किरातार्जुनीयम्’ पुस्तक के लेखक भारवि है। इनका काल छठी-सातवीं शताब्दी है यह काव्य किरातरुपधारी शिव एवं पांडुपुत्र अर्जुन के बीच के धनुर्युद्ध तथा वाद-वार्तालाप पर केन्द्रित है।
• शुद्रक, मृच्छकटिकम् की रचना है
• कालिदास की रचनायें हैं, मालविकाग्निमित्रम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम् रघुवंशम, मेघदूतं ऋतुसंहार।