Explanations:
यजुर्वेद के अनुसार अध्वर्यु याज्ञिक कर्मकाण्ड की विधियों का समुचित रूप से अनुष्ठान करते थे। यजुर्वेद में याज्ञिक कर्मकाण्ड करते समय आहुति (बलिदान) दी जाती थी। ऋग्वेद में वेद मंत्रों द्वारा देवताओं का आह्वान किया जाता था। सामवेद में उद्गाता वर्ग के पुरोहित पक्ष में साम का गायन करते थे। अथर्ववेद सम्पूर्ण यज्ञीय प्रक्रिया का निरीक्षण करता था। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसका उत्तर (a) ऋग्वेद माना है।