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Q: निम्नलिखित मेें से किसे संरचनात्मक (रचनावादी) गणितीय कक्षा-कक्ष का लक्षण नहीं माना जा सकता है?
  • A. प्राथमिक स्तर पर आकलन के लिए विषयपरक प्रकार की परीक्षा का उपयोग किया जाता है।
  • B. गणित और दूसरे पाठ्येतर क्षेत्रों के बीच के संबंधों को उजागर किया जाता है।
  • C. गणित के अधिगम में भाषा और संवादों की भूमिका पर उचित ध्यान दिया जाता है।
  • D. अध्यापक स्वीकार करता है कि दी गई अन्योन्य क्रिया को विभिन्न विद्यार्थी अलग–अलग प्रकार से समझ सकते हैं।
Correct Answer: Option A - प्राथमिक स्तर पर आकलन के लिए विषयपरक प्रकार की परीक्षा का उपयोग करना (रचनावादी) गणितीय कक्षा–कक्ष का लक्षण नहीं होता है। रचनावाद दर्शनशास्त्र का एक सम्प्रदाय है जो पियाजे के संज्ञानात्मक विकास पर आधारित है। रचनात्मकता शिक्षण की एक ऐसी रणनीति है जिसमें विद्यार्थी के पूर्व ज्ञान, आस्थाओं और कौशल का इस्तेमाल किया जाता है। रचनात्मकता रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी अपने पूर्व ज्ञान और सूचना के आधार पर नई किस्म की समझ विकसित करता है। संरचनात्मक गणितीय कक्षा–कक्ष में गणित और दूसरे पाठ्येत्तर क्षेत्रों के बीच अंत:सम्बन्ध के साथ–साथ गणित के अधिगम में भाषा और संवादों की उचित भूमिका तथा अध्यापक द्वारा दी गई अन्योन्य क्रिया को विभिन्न विद्यार्थियों को समझाने की प्रक्रिया शामिल होती है।
A. प्राथमिक स्तर पर आकलन के लिए विषयपरक प्रकार की परीक्षा का उपयोग करना (रचनावादी) गणितीय कक्षा–कक्ष का लक्षण नहीं होता है। रचनावाद दर्शनशास्त्र का एक सम्प्रदाय है जो पियाजे के संज्ञानात्मक विकास पर आधारित है। रचनात्मकता शिक्षण की एक ऐसी रणनीति है जिसमें विद्यार्थी के पूर्व ज्ञान, आस्थाओं और कौशल का इस्तेमाल किया जाता है। रचनात्मकता रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी अपने पूर्व ज्ञान और सूचना के आधार पर नई किस्म की समझ विकसित करता है। संरचनात्मक गणितीय कक्षा–कक्ष में गणित और दूसरे पाठ्येत्तर क्षेत्रों के बीच अंत:सम्बन्ध के साथ–साथ गणित के अधिगम में भाषा और संवादों की उचित भूमिका तथा अध्यापक द्वारा दी गई अन्योन्य क्रिया को विभिन्न विद्यार्थियों को समझाने की प्रक्रिया शामिल होती है।

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प्राथमिक स्तर पर आकलन के लिए विषयपरक प्रकार की परीक्षा का उपयोग करना (रचनावादी) गणितीय कक्षा–कक्ष का लक्षण नहीं होता है। रचनावाद दर्शनशास्त्र का एक सम्प्रदाय है जो पियाजे के संज्ञानात्मक विकास पर आधारित है। रचनात्मकता शिक्षण की एक ऐसी रणनीति है जिसमें विद्यार्थी के पूर्व ज्ञान, आस्थाओं और कौशल का इस्तेमाल किया जाता है। रचनात्मकता रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी अपने पूर्व ज्ञान और सूचना के आधार पर नई किस्म की समझ विकसित करता है। संरचनात्मक गणितीय कक्षा–कक्ष में गणित और दूसरे पाठ्येत्तर क्षेत्रों के बीच अंत:सम्बन्ध के साथ–साथ गणित के अधिगम में भाषा और संवादों की उचित भूमिका तथा अध्यापक द्वारा दी गई अन्योन्य क्रिया को विभिन्न विद्यार्थियों को समझाने की प्रक्रिया शामिल होती है।