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Q: Who was the author of Kalingattuparani? किंलगत्तुपरर्णि का लेखक कौन था?
  • A. Jayagondan/जयगोण्डन
  • B. Ramanuja/रामानुज
  • C. Karunakara Tondaiman/करुणाकर तोण्डैमन्
  • D. Vishnuvardhana/विष्णुवर्धन
Correct Answer: Option A - चोल राजाओं का शासन काल तमिल भाषा एवं साहित्य के विकास के लिए प्रसिद्ध है। तमिल लेखकों में सर्वाधिक प्रसिद्ध जयगोण्डन था। वह चोल शासक कुलोत्तुंग प्रथम का राजकवि था और उसने ‘किंलगत्तुपरर्णि’ नामक ग्रन्थ की रचना की। इसमें कुलोतुंग के कलिंग-युद्ध की घटनाओं का वर्णन है। कुलातुंग तृतीय के शासन-काल में प्रसिद्ध कवि कम्बन् हुआ जिसने ‘तमिल रामायण’ अथवा ‘रामावतारम्’ की रचना की।
A. चोल राजाओं का शासन काल तमिल भाषा एवं साहित्य के विकास के लिए प्रसिद्ध है। तमिल लेखकों में सर्वाधिक प्रसिद्ध जयगोण्डन था। वह चोल शासक कुलोत्तुंग प्रथम का राजकवि था और उसने ‘किंलगत्तुपरर्णि’ नामक ग्रन्थ की रचना की। इसमें कुलोतुंग के कलिंग-युद्ध की घटनाओं का वर्णन है। कुलातुंग तृतीय के शासन-काल में प्रसिद्ध कवि कम्बन् हुआ जिसने ‘तमिल रामायण’ अथवा ‘रामावतारम्’ की रचना की।

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चोल राजाओं का शासन काल तमिल भाषा एवं साहित्य के विकास के लिए प्रसिद्ध है। तमिल लेखकों में सर्वाधिक प्रसिद्ध जयगोण्डन था। वह चोल शासक कुलोत्तुंग प्रथम का राजकवि था और उसने ‘किंलगत्तुपरर्णि’ नामक ग्रन्थ की रचना की। इसमें कुलोतुंग के कलिंग-युद्ध की घटनाओं का वर्णन है। कुलातुंग तृतीय के शासन-काल में प्रसिद्ध कवि कम्बन् हुआ जिसने ‘तमिल रामायण’ अथवा ‘रामावतारम्’ की रचना की।