Explanations:
एक रासायनिक अभिक्रिया के दौरान, अभिकारको और उत्पादों के द्रव्यमानों का योग अपरिवर्तित रहता है। इसे द्रव्यमान संरक्षण का सिद्धान्त (Law of Conservation of Mass) कहते है। द्रव्यमान का ना ही सृजन किया जा सकता है तथा ना ही नाश किया जा सकता है परन्तु वह आपस में पुनव्र्यवस्थित अवश्य हो सकता है।