Explanations:
अभिज्ञानशाकुन्तले परित्यागानन्तरं शकुन्तला मारीचाश्रमे न्यवसत् अर्थात् अभिज्ञानशाकुन्तम् में परित्याग के बाद शकुन्तला महर्षि मारीच के आश्रम में रहती थी। दुर्वासा ऋषि के शापवशात् राजा दुष्यन्त शकुन्तला को नहीं पहचान पाते जिस कारण क्षुब्ध शकुन्तला को सानुमती नामक अप्सरा (अदृश्य सत्ता) अपने साथ ले जाती है।