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Q: Who was responsible for Initiating self-respect among the lower caste of South India? दक्षिण भारत के निम्न जातियों के बीच आत्मसम्मान को जागृत करने वाला कौन था?
  • A. Swami Vivekanand / स्वामी विवेकानन्द
  • B. Narayan Guru / नारायण गुरु
  • C. Kandukuri Veeresalingam/ कन्दुकुरी वीरेसलिंगम
  • D. T.K. Madhavan / टी.के. माधवन
Correct Answer: Option B - दक्षिण भारत के निम्न जातियों के बीच आत्म सम्मान को जाग्रत करने वाले केरल के महान धार्मिक सुधारक नारायण गुरू थे। इन्होने ‘‘एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’’ का प्रसिद्ध नारा दिया। इन्होने अरव्विपुरम् में शिव प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जो उस समय में जाति आधारित प्रतिबन्धों के खिलाफ था। श्री नारायण गुरू बहुआयामी प्रतिभा, महान महर्षि, अद्वैत दर्शन के प्रबल प्रस्तावक, कवि और महान आध्यात्मिक व्यक्ति थे। ये मंदिर प्रवेश आंदोलन में सबसे अग्रणी थे और अछूतों के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ थे।
B. दक्षिण भारत के निम्न जातियों के बीच आत्म सम्मान को जाग्रत करने वाले केरल के महान धार्मिक सुधारक नारायण गुरू थे। इन्होने ‘‘एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’’ का प्रसिद्ध नारा दिया। इन्होने अरव्विपुरम् में शिव प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जो उस समय में जाति आधारित प्रतिबन्धों के खिलाफ था। श्री नारायण गुरू बहुआयामी प्रतिभा, महान महर्षि, अद्वैत दर्शन के प्रबल प्रस्तावक, कवि और महान आध्यात्मिक व्यक्ति थे। ये मंदिर प्रवेश आंदोलन में सबसे अग्रणी थे और अछूतों के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ थे।

Explanations:

दक्षिण भारत के निम्न जातियों के बीच आत्म सम्मान को जाग्रत करने वाले केरल के महान धार्मिक सुधारक नारायण गुरू थे। इन्होने ‘‘एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’’ का प्रसिद्ध नारा दिया। इन्होने अरव्विपुरम् में शिव प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जो उस समय में जाति आधारित प्रतिबन्धों के खिलाफ था। श्री नारायण गुरू बहुआयामी प्रतिभा, महान महर्षि, अद्वैत दर्शन के प्रबल प्रस्तावक, कवि और महान आध्यात्मिक व्यक्ति थे। ये मंदिर प्रवेश आंदोलन में सबसे अग्रणी थे और अछूतों के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ थे।