Correct Answer:
Option B - अवध के नवाब वाजिद अली शाह को कुशासन के आधार पर गद्दी से उतारने और निर्वासित किए जाने से लोगों में असन्तोष था। फैजाबाद के मौलवी अहमद उल्ला जैसे नेताओं ने इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की। इन्होंने ने लोगों को जेहाद के लिए उत्तेजित किया। इसी सन्दर्भ में नाना साहब और अजीमुल्ला खाँ लखनऊ आए। 30 मई 1857 ई. को लखनऊ के सिपाहियों ने विद्रोह कर दिया। जून 1857 को बेगम हजरत महल ने विद्रोह की कमान सम्भाली और अपने अल्प वयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर दिया।
B. अवध के नवाब वाजिद अली शाह को कुशासन के आधार पर गद्दी से उतारने और निर्वासित किए जाने से लोगों में असन्तोष था। फैजाबाद के मौलवी अहमद उल्ला जैसे नेताओं ने इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की। इन्होंने ने लोगों को जेहाद के लिए उत्तेजित किया। इसी सन्दर्भ में नाना साहब और अजीमुल्ला खाँ लखनऊ आए। 30 मई 1857 ई. को लखनऊ के सिपाहियों ने विद्रोह कर दिया। जून 1857 को बेगम हजरत महल ने विद्रोह की कमान सम्भाली और अपने अल्प वयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर दिया।