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Q: Who was deputed to escort Hieun Tsang to the frontier when he was back to his country? ह्वेनसांग जब अपने देश वापस जा रहा था तब किसे सीमांत तक उसका मार्गरक्षक का कार्य दिया गया था?
  • A. Udhita / उधिता
  • B. Vajraditya / वङ्काादित्य
  • C. Shri Vekkadeva/ श्री वेक्कादेव
  • D. Bhimadeva/ भीमदेव
Correct Answer: Option A - ह्वेन सांग चीनी यात्री था, जो बौद्ध ग्रन्थों का संकलन करने कि लिए ईसा की सातवीं सदी में भारत आया और लगभग 15 वर्ष तक इस देश में रहा। उसने अपने यात्रा संस्मरण को एक पुस्तक के रूप में ‘सी-यू-की’ नाम से संकलित किया। वाट्र्स के अनुसार यह भारत का ‘‘यिन-तु’’, ‘शाक्यमुनि’ एवं ‘यात्रियों में राजकुमार’ थे। ह्वेन सांग जब अपने देश वापस जा रहा था तब उधिता को सीमांत तक उसका मार्गरक्षक का कार्यभार सौंपा गया था।
A. ह्वेन सांग चीनी यात्री था, जो बौद्ध ग्रन्थों का संकलन करने कि लिए ईसा की सातवीं सदी में भारत आया और लगभग 15 वर्ष तक इस देश में रहा। उसने अपने यात्रा संस्मरण को एक पुस्तक के रूप में ‘सी-यू-की’ नाम से संकलित किया। वाट्र्स के अनुसार यह भारत का ‘‘यिन-तु’’, ‘शाक्यमुनि’ एवं ‘यात्रियों में राजकुमार’ थे। ह्वेन सांग जब अपने देश वापस जा रहा था तब उधिता को सीमांत तक उसका मार्गरक्षक का कार्यभार सौंपा गया था।

Explanations:

ह्वेन सांग चीनी यात्री था, जो बौद्ध ग्रन्थों का संकलन करने कि लिए ईसा की सातवीं सदी में भारत आया और लगभग 15 वर्ष तक इस देश में रहा। उसने अपने यात्रा संस्मरण को एक पुस्तक के रूप में ‘सी-यू-की’ नाम से संकलित किया। वाट्र्स के अनुसार यह भारत का ‘‘यिन-तु’’, ‘शाक्यमुनि’ एवं ‘यात्रियों में राजकुमार’ थे। ह्वेन सांग जब अपने देश वापस जा रहा था तब उधिता को सीमांत तक उसका मार्गरक्षक का कार्यभार सौंपा गया था।