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Q: Who was behind the first known attempt on Gandhi’s life in India during the Champaran Satyagraha in 1917? 1917 में चंपारण सत्याग्रह के दौरान भारत में गाँधी के जीवन पर पहले ज्ञात प्रयास के पीछे कौन था?
  • A. Dr. Grant/डॉ. ग्रांट
  • B. H.S. Polloc/एच. एस. पोलक
  • C. Erwin/इरविन
  • D. More than one of the above/उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - गाँधी जी की लोकप्रियता के कारण चम्पारन सत्याग्रह के दौरान उन्हें रोकने के लिए एक ब्रिटिश बागान प्रबंधक ‘इरविन’ ने कार्यवाही करने का निर्णय लिया। उसने गाँधी जी को रात्रि भोज का निमंत्रण दिया जिसे गाँधी जी ने सहर्ष स्वीकार किया। इरविन के इस निमंत्रण के पीछे गाँधी जी की हत्या का षड़यंत्र रचा गया था। इसमें रसोईया बतख मियाँ ने गाँधी जी की जान बचाई थी।
C. गाँधी जी की लोकप्रियता के कारण चम्पारन सत्याग्रह के दौरान उन्हें रोकने के लिए एक ब्रिटिश बागान प्रबंधक ‘इरविन’ ने कार्यवाही करने का निर्णय लिया। उसने गाँधी जी को रात्रि भोज का निमंत्रण दिया जिसे गाँधी जी ने सहर्ष स्वीकार किया। इरविन के इस निमंत्रण के पीछे गाँधी जी की हत्या का षड़यंत्र रचा गया था। इसमें रसोईया बतख मियाँ ने गाँधी जी की जान बचाई थी।

Explanations:

गाँधी जी की लोकप्रियता के कारण चम्पारन सत्याग्रह के दौरान उन्हें रोकने के लिए एक ब्रिटिश बागान प्रबंधक ‘इरविन’ ने कार्यवाही करने का निर्णय लिया। उसने गाँधी जी को रात्रि भोज का निमंत्रण दिया जिसे गाँधी जी ने सहर्ष स्वीकार किया। इरविन के इस निमंत्रण के पीछे गाँधी जी की हत्या का षड़यंत्र रचा गया था। इसमें रसोईया बतख मियाँ ने गाँधी जी की जान बचाई थी।