Explanations:
महात्मा गाँधी ने हिन्दुस्तान की सभ्यता को अच्छा मानते हुए ‘आधुनिक सभ्यता को चार दिन की चाँदनी’ कहा है। महात्मा गाँधी यह मानते थे कि वास्तव में हिन्दुस्तान अंग्रेजों के द्वारा नहीं बल्कि आधुनिक सभ्यता के द्वारा प्रभावित हो रहा है। भारत उसके जाल में फंसा हुआ है। इसीलिए उनका मानना था कि हमें स्वराज के लिए अंग्रेजों से मुक्ति की बात न सोचकर आधुनिक पश्चिमी भोगवादी सभ्यता से मुक्ति पाने की बात सोचनी चाहिए। गाँधी जी के वे शब्द स्मरणीय है कि ‘‘यह सभ्यता दूसरों का नाश करने वाली और खुद भी नष्ट होने वाली है।’’ गाँधी जी ने इस आधुनिक सभ्यता को ‘चांडाल सभ्यता’ कहा है।