Correct Answer:
Option B - शिवाजी ने जागीरदारी प्रणाली को समाप्त करके इसे रैय्यतवाड़ी प्रणाली में बदल दिया तथा वंशानुगत राजस्व अधिकारियों की स्थिति में परिवर्तन किया जिन्हें देशमुख, देशपांडे, पाटिल एवं कुलकर्णी के नाम से जाना जाता है। शिवाजी के समय स्वतंत्र मराठा राज्य का विरोध देशमुख कर रहे थे। देशमुख तथा देशपाण्डे अन्य जिला स्तर के अधिकारी थे जो मामलतदार पर एक नियंत्रण के रूप में कार्य करते थे उनकी पुष्टि के बिना कोई लेखा स्वीकार नहीं किया जाता था।
B. शिवाजी ने जागीरदारी प्रणाली को समाप्त करके इसे रैय्यतवाड़ी प्रणाली में बदल दिया तथा वंशानुगत राजस्व अधिकारियों की स्थिति में परिवर्तन किया जिन्हें देशमुख, देशपांडे, पाटिल एवं कुलकर्णी के नाम से जाना जाता है। शिवाजी के समय स्वतंत्र मराठा राज्य का विरोध देशमुख कर रहे थे। देशमुख तथा देशपाण्डे अन्य जिला स्तर के अधिकारी थे जो मामलतदार पर एक नियंत्रण के रूप में कार्य करते थे उनकी पुष्टि के बिना कोई लेखा स्वीकार नहीं किया जाता था।