Explanations:
मुगल मुद्रा व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने का श्रेय अकबर को प्राप्त है। आइन-ए-अकबरी में अबुल फजल ने विवरण दिया है कि अकबर ने 26 सोने के, 9 चाँदी के तथा 4 प्रकार के ताँबे के सिक्के चलवाए। अकबर द्वारा जारी सोने के सिक्के इस प्रकार हैं – मुहर (नौ रुपये के बराबर), शंसब (सबसे बड़ा सोने का सिक्का), इलाही (सोने का गोल आकार का सिक्का जिसका मूल्य 10 रुपए के बराबर था), रहस (गोल और चौकोर दोनों था), अत्माह (25 तोले का), बिन्सात, चगुल तथा लाल-ए-जलाली।