Correct Answer:
Option D - एजोबैक्टर जीवाणु, शैवाल तथा कवक वातावरण से नाइट्रोजन लेकर उसे उर्वरक के रूप में बदल देते हैं और ये स्वतंत्र रूप से रहते हैं तथा N₂ का स्थिरीकरण करते है। परन्तु उनका उपयोग कीटनाशक के रूप में नहीं किया जाता। ये सभी एक बीज पत्री एवं द्विबीज पत्री फसलों पर पाये जाते हैं। स्पष्ट है कि एजोेबैक्टर कीटनाशी नहीं है।
D. एजोबैक्टर जीवाणु, शैवाल तथा कवक वातावरण से नाइट्रोजन लेकर उसे उर्वरक के रूप में बदल देते हैं और ये स्वतंत्र रूप से रहते हैं तथा N₂ का स्थिरीकरण करते है। परन्तु उनका उपयोग कीटनाशक के रूप में नहीं किया जाता। ये सभी एक बीज पत्री एवं द्विबीज पत्री फसलों पर पाये जाते हैं। स्पष्ट है कि एजोेबैक्टर कीटनाशी नहीं है।