Correct Answer:
Option B - ‘मेघदूत चित्र शृंखला’ हरिहर लाल मेढ़ ने बनायी है। हरिहरलाल मेढ़ अपने दैनिक दिनचर्या पर आधारित दृश्य चित्रों, शबीह चित्र तथा वस्त्र चित्र कला शैली में मेघदूत जैसे चित्रों के कारण महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।
• सुधीर रंजन खास्तगीर का जन्म 1907 ई. कोलकाता में हुआ था तथा शिक्षा नन्दलाल बोस के निर्देशन में शान्तिनिकेतन में हुई।
• 1956 ई. गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एण्ड क्राफ्ट्स लखनऊ में प्राचार्य नियुक्त किये गये। चित्रण मूर्ति, लीनोकट, चारकोल चित्रण, केनवास-पेंटिंग, तैल-चित्र, पेन्सिल, स्केच या अन्य कोई भी शैली नहीं जो आपकी तुलिका से अछूती रही हो।
B. ‘मेघदूत चित्र शृंखला’ हरिहर लाल मेढ़ ने बनायी है। हरिहरलाल मेढ़ अपने दैनिक दिनचर्या पर आधारित दृश्य चित्रों, शबीह चित्र तथा वस्त्र चित्र कला शैली में मेघदूत जैसे चित्रों के कारण महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।
• सुधीर रंजन खास्तगीर का जन्म 1907 ई. कोलकाता में हुआ था तथा शिक्षा नन्दलाल बोस के निर्देशन में शान्तिनिकेतन में हुई।
• 1956 ई. गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एण्ड क्राफ्ट्स लखनऊ में प्राचार्य नियुक्त किये गये। चित्रण मूर्ति, लीनोकट, चारकोल चित्रण, केनवास-पेंटिंग, तैल-चित्र, पेन्सिल, स्केच या अन्य कोई भी शैली नहीं जो आपकी तुलिका से अछूती रही हो।