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Q: Who is the chairman of the First Law Commission in Independent India?/स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
  • A. Justice J. L. Kapur/न्यायाधीश जे.एल. कपूर
  • B. Justice V. K. Sundaram/न्यायाधीश वी.के. सुन्दरम
  • C. Justice T. V. Venkatarama Aiyar न्यायाधीश टी.वी. वेंकटरामा अय्यर
  • D. Mr. M. C. Setalvad/श्री एम.सी सीतलवाद
Correct Answer: Option D - भारत सरकार ने स्वतंत्र भारत का प्रथम विधि आयोग वर्ष 1955 में भारत के तत्कालीन अटॉर्नी जनरल एम.सी. सीतलवाड़ की अध्यक्षता में गठित किया। तब से लेकर 21 से अधिक विधि आयोग का गठन किया जा चुका है। विधि आयोग का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। विधि आयोग केंद्र सरकार द्वारा इसे संदर्भित या स्वतं: किसी मुद्दे पर कानून शोध या भारत में विद्यमान कानूनों की समीक्षा तथा उनमें संशोधन करने और और नया कानून बनाने हेतु सिफारिश करता है। वर्ष 2020 में केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने तीन वर्ष की अवधि के लिए भारत के 22वें विधि आयोग के गठन की मंजूरी प्रदान कर दी हैं, लेकिन अभी इसका गठन नहीं किया गया है। 21वें विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बी.एस. चौहान है। यह न तो संवैधानिक और न ही वैधानिक निकाय है।
D. भारत सरकार ने स्वतंत्र भारत का प्रथम विधि आयोग वर्ष 1955 में भारत के तत्कालीन अटॉर्नी जनरल एम.सी. सीतलवाड़ की अध्यक्षता में गठित किया। तब से लेकर 21 से अधिक विधि आयोग का गठन किया जा चुका है। विधि आयोग का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। विधि आयोग केंद्र सरकार द्वारा इसे संदर्भित या स्वतं: किसी मुद्दे पर कानून शोध या भारत में विद्यमान कानूनों की समीक्षा तथा उनमें संशोधन करने और और नया कानून बनाने हेतु सिफारिश करता है। वर्ष 2020 में केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने तीन वर्ष की अवधि के लिए भारत के 22वें विधि आयोग के गठन की मंजूरी प्रदान कर दी हैं, लेकिन अभी इसका गठन नहीं किया गया है। 21वें विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बी.एस. चौहान है। यह न तो संवैधानिक और न ही वैधानिक निकाय है।

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भारत सरकार ने स्वतंत्र भारत का प्रथम विधि आयोग वर्ष 1955 में भारत के तत्कालीन अटॉर्नी जनरल एम.सी. सीतलवाड़ की अध्यक्षता में गठित किया। तब से लेकर 21 से अधिक विधि आयोग का गठन किया जा चुका है। विधि आयोग का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। विधि आयोग केंद्र सरकार द्वारा इसे संदर्भित या स्वतं: किसी मुद्दे पर कानून शोध या भारत में विद्यमान कानूनों की समीक्षा तथा उनमें संशोधन करने और और नया कानून बनाने हेतु सिफारिश करता है। वर्ष 2020 में केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने तीन वर्ष की अवधि के लिए भारत के 22वें विधि आयोग के गठन की मंजूरी प्रदान कर दी हैं, लेकिन अभी इसका गठन नहीं किया गया है। 21वें विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बी.एस. चौहान है। यह न तो संवैधानिक और न ही वैधानिक निकाय है।