Correct Answer:
Option D - ‘बसावन’ अकबर के काल का दरबारी चित्रकार था। बसावन ने आगे की ओर झुकी हुई मानवाकृतियों का जिस स्थिति लाघव में अंकन किया है वैसा अकबर कालीन कला अत्यन्त दुर्लभ ही है। आइने अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है कि ‘‘पृष्ठभूमि निर्माण, मुखाकृति के विशेषताओं से अंकन रंगों के सम्मिश्रण, वस्तुओं के यथा रूप चित्रण तथा इस कला के अन्य कार्यों में बसावन अपनी समझ का अद्वितीय कलाकार हुआ।
• मंसूर, विशनदास तथा मनोहर जहाँगीर के काल में चित्रण करते हैं।
D. ‘बसावन’ अकबर के काल का दरबारी चित्रकार था। बसावन ने आगे की ओर झुकी हुई मानवाकृतियों का जिस स्थिति लाघव में अंकन किया है वैसा अकबर कालीन कला अत्यन्त दुर्लभ ही है। आइने अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है कि ‘‘पृष्ठभूमि निर्माण, मुखाकृति के विशेषताओं से अंकन रंगों के सम्मिश्रण, वस्तुओं के यथा रूप चित्रण तथा इस कला के अन्य कार्यों में बसावन अपनी समझ का अद्वितीय कलाकार हुआ।
• मंसूर, विशनदास तथा मनोहर जहाँगीर के काल में चित्रण करते हैं।