Correct Answer:
Option C - मुद्रास्फीति (Inflation) अथवा मुद्रा प्रसार, वह स्थिति है जिसमें कीमत स्तर में वृद्धि होती है तथा मुद्रा का मूल्य गिरता है। अर्थात् मुद्रास्फीति वह अवस्था है जब वस्तुओं की उपलब्ध मात्रा की तुलना में मुद्रा तथा साख की मात्रा में अधिक वृद्धि होती है और परिणाम स्वरूप मूल्य स्तर में निरन्तर व महत्वपूर्ण वृद्धि होती है। मुद्रास्फीति के प्रभाव- (1) ऋणी को लाभ तथा ऋणदाता को हानि होती है। (2) उत्पादक वर्ग (कृषक, उद्योगपति, व्यापारी) को लाभ होता है (3) निश्चित आय प्राप्त करने वाला उपभोक्ता तथा वेतनभोगी वर्ग को हानि होती है।
C. मुद्रास्फीति (Inflation) अथवा मुद्रा प्रसार, वह स्थिति है जिसमें कीमत स्तर में वृद्धि होती है तथा मुद्रा का मूल्य गिरता है। अर्थात् मुद्रास्फीति वह अवस्था है जब वस्तुओं की उपलब्ध मात्रा की तुलना में मुद्रा तथा साख की मात्रा में अधिक वृद्धि होती है और परिणाम स्वरूप मूल्य स्तर में निरन्तर व महत्वपूर्ण वृद्धि होती है। मुद्रास्फीति के प्रभाव- (1) ऋणी को लाभ तथा ऋणदाता को हानि होती है। (2) उत्पादक वर्ग (कृषक, उद्योगपति, व्यापारी) को लाभ होता है (3) निश्चित आय प्राप्त करने वाला उपभोक्ता तथा वेतनभोगी वर्ग को हानि होती है।