Correct Answer:
Option A - ‘द मोरल जजमेंट ऑफ द चाइल्ड’ नामक पुस्तक ‘जीन पियाजे’ ने 1923 में लिखी थी। जिसमें इन्होंने बच्चे के संज्ञानात्मक विकास के साथ उनके नैतिक विकास के बारे में चर्चा की हैं। पियाजे के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ-साथ युवा सहयोग की नैतिकता का विकास करते हैं।
A. ‘द मोरल जजमेंट ऑफ द चाइल्ड’ नामक पुस्तक ‘जीन पियाजे’ ने 1923 में लिखी थी। जिसमें इन्होंने बच्चे के संज्ञानात्मक विकास के साथ उनके नैतिक विकास के बारे में चर्चा की हैं। पियाजे के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ-साथ युवा सहयोग की नैतिकता का विकास करते हैं।