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Q: Who had founded Amiran-i-Sada an administrative body whose members were revenue collectors and army officers? किसने अमीरान-ए-सदा की स्थापना की जो एक प्रशासनिक संगठन था और जिसके सदस्य राजस्व संग्रहकर्त्ता तथा सैन्य अधिकारी होते थे?
  • A. Muhammad-bin-Tughluq/मुहम्मद-बिन-तुगलक
  • B. Firuz-Shah-Tughluq/फिरोज-शाह-तुगलक
  • C. Alauddin Hasan Bahamanshah अलाउद्दीन हसन बहमनशाह
  • D. Tajuddin Firuz Shah / तजुद्दीन फिरोज शाह
Correct Answer: Option A - निम्न श्रेणी में मंगोल अधिकारियों को सदा कहा जाता था। उन्हें सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने संरक्षण प्रदान किया था। सादाह अथवा सौ, मंगोल सेना में सौ सैनिकों का नेतृत्व करने वाले अधिकारी को कहा जाता था। किन्तु भारत में इसका उपयोग 100 गांव की एक इकाई के लिए होेने लगा था। सादाह अमीर में मंगोलों के अतिरिक्त तुर्क, अफगान, राजपूत एवं भारतीय मुसलमान भी शामिल थे। इनका कार्य अपने प्रशासनिक क्षेत्र में कर वसूली के साथ-साथ शांति व्यवस्था भी स्थापित करना था।
A. निम्न श्रेणी में मंगोल अधिकारियों को सदा कहा जाता था। उन्हें सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने संरक्षण प्रदान किया था। सादाह अथवा सौ, मंगोल सेना में सौ सैनिकों का नेतृत्व करने वाले अधिकारी को कहा जाता था। किन्तु भारत में इसका उपयोग 100 गांव की एक इकाई के लिए होेने लगा था। सादाह अमीर में मंगोलों के अतिरिक्त तुर्क, अफगान, राजपूत एवं भारतीय मुसलमान भी शामिल थे। इनका कार्य अपने प्रशासनिक क्षेत्र में कर वसूली के साथ-साथ शांति व्यवस्था भी स्थापित करना था।

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निम्न श्रेणी में मंगोल अधिकारियों को सदा कहा जाता था। उन्हें सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने संरक्षण प्रदान किया था। सादाह अथवा सौ, मंगोल सेना में सौ सैनिकों का नेतृत्व करने वाले अधिकारी को कहा जाता था। किन्तु भारत में इसका उपयोग 100 गांव की एक इकाई के लिए होेने लगा था। सादाह अमीर में मंगोलों के अतिरिक्त तुर्क, अफगान, राजपूत एवं भारतीय मुसलमान भी शामिल थे। इनका कार्य अपने प्रशासनिक क्षेत्र में कर वसूली के साथ-साथ शांति व्यवस्था भी स्थापित करना था।