Correct Answer:
Option A - महाबलीपुरम् के मंदिरों का निर्माण पल्लवों के काल में किया गया। पल्लव शासक नरिंसहवर्मन प्रथम की एक उपाधि `महामल्ल' थी, उसी के नाम पर इस स्थान को मामल्लपुरम् भी कहा जाता है। मूलत: यहाँ पर एकाश्मक रथ मंदिर व मण्डप र्नििमत है जो कि नरिंसहवर्मन प्रथम द्वारा बनवाए गए हैं। महाबलीपुरम उसके राज्य का सर्वप्रथम बंदरगाह था। उसके शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग काँची आया था। पल्लव रथों में सबसे बड़ा धर्मराज रथ और सबसे छोटा द्रौपदी रथ है। ध्यातव्य है कि महाबलीपुरम् के उभारदार मूर्तिकला में ही स्वर्ग से गंगा नदी के अवतरण का चित्रण किया गया है।
A. महाबलीपुरम् के मंदिरों का निर्माण पल्लवों के काल में किया गया। पल्लव शासक नरिंसहवर्मन प्रथम की एक उपाधि `महामल्ल' थी, उसी के नाम पर इस स्थान को मामल्लपुरम् भी कहा जाता है। मूलत: यहाँ पर एकाश्मक रथ मंदिर व मण्डप र्नििमत है जो कि नरिंसहवर्मन प्रथम द्वारा बनवाए गए हैं। महाबलीपुरम उसके राज्य का सर्वप्रथम बंदरगाह था। उसके शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग काँची आया था। पल्लव रथों में सबसे बड़ा धर्मराज रथ और सबसे छोटा द्रौपदी रथ है। ध्यातव्य है कि महाबलीपुरम् के उभारदार मूर्तिकला में ही स्वर्ग से गंगा नदी के अवतरण का चित्रण किया गया है।