Correct Answer:
Option E - ‘पेरीप्लस’ का अज्ञात लेखक (प्रथम शताब्दी ई.) जो भारत तथा रोम के बीच घनिष्ठ व्यापारिक संबंधों का विवरण प्रस्तुत करता है। वह नौरा, मुशिरी, तोण्डी कोमारी जैसे पश्चिमी तट के समृद्ध बंदरगाहों का उल्लेख करता है। इस काल में सबसे अधिक सोना तथा चाँदी का आयात होता था। चेरों की प्राचीन राजधानी करूर से रोमन सुराहियों के टुकड़े तथा सिक्के मिलते हैं। अरिकमेडु भारत-रोमन व्यापार का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल था जहाँ देश के विभिन्न भागों से व्यापारिक वस्तुएँ एकत्र की जाती तथा फिर यहाँ से रोम को भेजी जाती थी। रोम के साथ व्यापारिक संबंधों में भारत को ही लाभ होता था। चेरों के अलावां कुषाणों ने भी रोमन साम्राज्य से व्यापारिक संबंध स्थापित किये थे। आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (b) को माना है।
E. ‘पेरीप्लस’ का अज्ञात लेखक (प्रथम शताब्दी ई.) जो भारत तथा रोम के बीच घनिष्ठ व्यापारिक संबंधों का विवरण प्रस्तुत करता है। वह नौरा, मुशिरी, तोण्डी कोमारी जैसे पश्चिमी तट के समृद्ध बंदरगाहों का उल्लेख करता है। इस काल में सबसे अधिक सोना तथा चाँदी का आयात होता था। चेरों की प्राचीन राजधानी करूर से रोमन सुराहियों के टुकड़े तथा सिक्के मिलते हैं। अरिकमेडु भारत-रोमन व्यापार का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल था जहाँ देश के विभिन्न भागों से व्यापारिक वस्तुएँ एकत्र की जाती तथा फिर यहाँ से रोम को भेजी जाती थी। रोम के साथ व्यापारिक संबंधों में भारत को ही लाभ होता था। चेरों के अलावां कुषाणों ने भी रोमन साम्राज्य से व्यापारिक संबंध स्थापित किये थे। आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (b) को माना है।