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Q: Which of the following is true about crop rotation/फसल चक्रण के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?Which of the following is true about crop rotation/फसल चक्रण के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?Which of the following is true about crop rotation/फसल चक्रण के संदर्भ में कौन सा कथन सही है? /फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता हैWhich of the following is true about crop rotation/फसल चक्रण के संदर्भ में कौन सा कथन सही है? /फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता है/पहले, उत्तर भारत में किसान फसल चक्रण के तौर पर फलीदार चारा एक ऋतु में उगाते थे तथा गेहूँ दूसरी ऋतु में Crp rotation has reduced the production as well as the fertility of soil has also reducedo/फसल चक्रण से पैदावार तो घटी ही है और साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में भी कमी आई है
  • A. Only (A) and (B)/केवल (A) और (D)
  • B. Only (A) and (D)/केवल (A) और (D)
  • C. Only (A) and (D)/केवल (A) और (C)
  • D. Only (A), (B) and (C)/केवल (A), (B) और (C)
Correct Answer: Option D - फसल चक्रण एक फसल के बाद खेत में दूसरे किस्म की फसल एकांतर क्रम में उगा कर किया जाता है। फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता है। पहले, उत्तर भारत में किसान फसल चक्रण के तौर पर फलीदार चारा एक ऋतु में उगाते थे तथा गेहूँ दूसरी ऋतु में। किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि फसल चक्रण से पैदावार तो बढ़ती ही है साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में भी वृद्धि होती है।
D. फसल चक्रण एक फसल के बाद खेत में दूसरे किस्म की फसल एकांतर क्रम में उगा कर किया जाता है। फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता है। पहले, उत्तर भारत में किसान फसल चक्रण के तौर पर फलीदार चारा एक ऋतु में उगाते थे तथा गेहूँ दूसरी ऋतु में। किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि फसल चक्रण से पैदावार तो बढ़ती ही है साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में भी वृद्धि होती है।

Explanations:

फसल चक्रण एक फसल के बाद खेत में दूसरे किस्म की फसल एकांतर क्रम में उगा कर किया जाता है। फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता है। पहले, उत्तर भारत में किसान फसल चक्रण के तौर पर फलीदार चारा एक ऋतु में उगाते थे तथा गेहूँ दूसरी ऋतु में। किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि फसल चक्रण से पैदावार तो बढ़ती ही है साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में भी वृद्धि होती है।