Correct Answer:
Option D - फसल चक्रण एक फसल के बाद खेत में दूसरे किस्म की फसल एकांतर क्रम में उगा कर किया जाता है। फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता है। पहले, उत्तर भारत में किसान फसल चक्रण के तौर पर फलीदार चारा एक ऋतु में उगाते थे तथा गेहूँ दूसरी ऋतु में। किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि फसल चक्रण से पैदावार तो बढ़ती ही है साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में भी वृद्धि होती है।
D. फसल चक्रण एक फसल के बाद खेत में दूसरे किस्म की फसल एकांतर क्रम में उगा कर किया जाता है। फसल चक्रण से मिट्टी में नाइट्रोजन का पुन: पूरण होता है। पहले, उत्तर भारत में किसान फसल चक्रण के तौर पर फलीदार चारा एक ऋतु में उगाते थे तथा गेहूँ दूसरी ऋतु में। किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि फसल चक्रण से पैदावार तो बढ़ती ही है साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में भी वृद्धि होती है।