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Q: Who are considered as the pioneers of miniature painting in India? भारत में लघु चित्रों के जनक के रूप में किसे माना जाता है?
  • A. Rajput/राजपूत
  • B. Mughal/मुगल
  • C. Jain/जैन
  • D. Pala/पाल
Correct Answer: Option D - भारत में लघु चित्रों का जनक ‘पाल शैली’ को माना जाता है। क्योंकि प्रारम्भ में पाल शैली में लघु चित्र 10वीं शताब्दी में बनने शुरू हुए थे जो तालपत्र पत्ते या राज पत्र पर बनाये जाते थे ये 22.25 इंच लम्बे तथा 2.25 इंच चौड़े हैं। • पाल शैली का प्रमुख केन्द्र बंगाल बिहार तथा नेपाल था। • मुगल शैली तथा राजपूत शैली में लघु चित्र अधिक बनने लगे थे।
D. भारत में लघु चित्रों का जनक ‘पाल शैली’ को माना जाता है। क्योंकि प्रारम्भ में पाल शैली में लघु चित्र 10वीं शताब्दी में बनने शुरू हुए थे जो तालपत्र पत्ते या राज पत्र पर बनाये जाते थे ये 22.25 इंच लम्बे तथा 2.25 इंच चौड़े हैं। • पाल शैली का प्रमुख केन्द्र बंगाल बिहार तथा नेपाल था। • मुगल शैली तथा राजपूत शैली में लघु चित्र अधिक बनने लगे थे।

Explanations:

भारत में लघु चित्रों का जनक ‘पाल शैली’ को माना जाता है। क्योंकि प्रारम्भ में पाल शैली में लघु चित्र 10वीं शताब्दी में बनने शुरू हुए थे जो तालपत्र पत्ते या राज पत्र पर बनाये जाते थे ये 22.25 इंच लम्बे तथा 2.25 इंच चौड़े हैं। • पाल शैली का प्रमुख केन्द्र बंगाल बिहार तथा नेपाल था। • मुगल शैली तथा राजपूत शैली में लघु चित्र अधिक बनने लगे थे।