Correct Answer:
Option A - भारतीय इतिहास में उस काल को जिसमें सामवेद, यजुर्वेद एवं अथर्ववेद तथा ब्राह्मण ग्रंथ, आरयण्क व उपनिषद की रचना हुई, उत्तर वैदिक काल कहलाता है। इस काल में लोहे के हल का उपयोग कृषि कार्यों में होता था। भगवान इन्द्र को हल के स्वामी की उपाधि दी गई थी।
A. भारतीय इतिहास में उस काल को जिसमें सामवेद, यजुर्वेद एवं अथर्ववेद तथा ब्राह्मण ग्रंथ, आरयण्क व उपनिषद की रचना हुई, उत्तर वैदिक काल कहलाता है। इस काल में लोहे के हल का उपयोग कृषि कार्यों में होता था। भगवान इन्द्र को हल के स्वामी की उपाधि दी गई थी।