Correct Answer:
Option B - गुरू बिपिन सिंह मणिपुरी नृत्य से संबंधित थे। उन्होंने अपना जीवन मणिपुरी नृत्य शैली के पुनरुद्धार के लिए बिताया। 1966 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कालिदास सम्मान से नवाजा गया। इन्हें मणिपुर के महाराजा द्वारा हंजाबा की उपाधि दी गई थी। उन्होनें मणिपुर में दो नृत्य विद्यालय शुरू किए– इम्फाल में गोविन्द जी नर्तनालय और कोलकाता में मणिपुरी नर्तनालय।
B. गुरू बिपिन सिंह मणिपुरी नृत्य से संबंधित थे। उन्होंने अपना जीवन मणिपुरी नृत्य शैली के पुनरुद्धार के लिए बिताया। 1966 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कालिदास सम्मान से नवाजा गया। इन्हें मणिपुर के महाराजा द्वारा हंजाबा की उपाधि दी गई थी। उन्होनें मणिपुर में दो नृत्य विद्यालय शुरू किए– इम्फाल में गोविन्द जी नर्तनालय और कोलकाता में मणिपुरी नर्तनालय।