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Q: Which type of surveying method is commonly used for underwater mapping and exploration? पानी के नीचे मानचित्रण और अन्वेषण के लिए आमतौर पर किस प्रकार की सर्वेक्षण विधि का उपयोग किया जाता है?
  • A. Hydrographic surveying/जलीय सर्वेक्षण
  • B. Astronomical surveying/खगोलीय सर्वेक्षण
  • C. Aerial surveying/हवाई सर्वेक्षण
  • D. Cadastral surveying/भूकर सर्वेक्षण
Correct Answer: Option A - जलीय सर्वेक्षण या जलविज्ञान सर्वेंक्षण(Hydrographic surveying): यह सर्वेक्षण नदियों, नहरों, जलाशयों, झीलों, समुद्रों में जल का विस्तार, गहरायी, गति, निस्सरण इत्यादि ज्ञात करने के लिये किया जाता है। नौसंचालन, गोदी कार्य, बाँध निर्माण, सिंचाई, जल आपूर्ति, बाढ़ आदि के सम्बन्ध में आँकड़े प्राप्त करने के लिये, जलराशि सर्वेक्षण आवश्यक होता है। हवाई सर्वेक्षण (Aerial surveying): यह सर्वेक्षण बाढ़, भूकम्प, सूखा, क्षतिग्रस्त बाँध से प्रभावित क्षेत्रों तथा अन्य भौगोलिक दृश्यों की जानकारी प्राप्त करने के लिये, वायुयान द्वारा किया जाता है। जिन क्षेत्रों में भू-साधनों से पहुँचना कठिन होता है, वहाँ के सर्वेक्षण के लिये भी हवाई सर्वेक्षण अपनाया जाता है।
A. जलीय सर्वेक्षण या जलविज्ञान सर्वेंक्षण(Hydrographic surveying): यह सर्वेक्षण नदियों, नहरों, जलाशयों, झीलों, समुद्रों में जल का विस्तार, गहरायी, गति, निस्सरण इत्यादि ज्ञात करने के लिये किया जाता है। नौसंचालन, गोदी कार्य, बाँध निर्माण, सिंचाई, जल आपूर्ति, बाढ़ आदि के सम्बन्ध में आँकड़े प्राप्त करने के लिये, जलराशि सर्वेक्षण आवश्यक होता है। हवाई सर्वेक्षण (Aerial surveying): यह सर्वेक्षण बाढ़, भूकम्प, सूखा, क्षतिग्रस्त बाँध से प्रभावित क्षेत्रों तथा अन्य भौगोलिक दृश्यों की जानकारी प्राप्त करने के लिये, वायुयान द्वारा किया जाता है। जिन क्षेत्रों में भू-साधनों से पहुँचना कठिन होता है, वहाँ के सर्वेक्षण के लिये भी हवाई सर्वेक्षण अपनाया जाता है।

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जलीय सर्वेक्षण या जलविज्ञान सर्वेंक्षण(Hydrographic surveying): यह सर्वेक्षण नदियों, नहरों, जलाशयों, झीलों, समुद्रों में जल का विस्तार, गहरायी, गति, निस्सरण इत्यादि ज्ञात करने के लिये किया जाता है। नौसंचालन, गोदी कार्य, बाँध निर्माण, सिंचाई, जल आपूर्ति, बाढ़ आदि के सम्बन्ध में आँकड़े प्राप्त करने के लिये, जलराशि सर्वेक्षण आवश्यक होता है। हवाई सर्वेक्षण (Aerial surveying): यह सर्वेक्षण बाढ़, भूकम्प, सूखा, क्षतिग्रस्त बाँध से प्रभावित क्षेत्रों तथा अन्य भौगोलिक दृश्यों की जानकारी प्राप्त करने के लिये, वायुयान द्वारा किया जाता है। जिन क्षेत्रों में भू-साधनों से पहुँचना कठिन होता है, वहाँ के सर्वेक्षण के लिये भी हवाई सर्वेक्षण अपनाया जाता है।