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Q: Which of the following differentiates soldering from brazing? निम्नलिखित में से कौन सोल्डरिंग को ब्रेजिंग से अलग करता है?
  • A. Specific resistance of the filler metal फिलर धातु का विशिष्ट प्रतिरोध
  • B. Melting point of the filler metal फिलर धातु का गलनांक
  • C. Resistance of the filler metal फिलर धातु का प्रतिरोध
  • D. Magnetic property of the filler metal फिलर धातु के चुंबकीय गुण
Correct Answer: Option B - फिलर धातु का गलनांक, सोल्डरिंग को ब्रेजिंग से अलग करता है। ∎ दो समान या भिन्न धातुओं के तारों, टुकड़ो आदि को ऊष्मा प्रक्रिया द्वारा किसी तीसरी धातु की सहायता से जोड़ने की क्रिया सोल्डरिंग कहलाती है। यह तीसरी धातु, ‘फिलर’ धातु या ‘सोल्डर’ कहलाती है। ∎ फिलर धातु का गलनांक सदैव जोड़ी जाने वाली धातुओं के गलनांक से कम होता है। ब्रेजिंग (Brazing)– ∎ दो एक जैसी व भिन्न-भिन्न धातुओं पर कठोर जोड़ लगाने की विधि को ब्रेजिंग कहते हैं। ∎ इसमें जोड़ने के लिए स्पेल्टर या सिल्वर सोल्डर प्रयोग में लाए जाते हैं।
B. फिलर धातु का गलनांक, सोल्डरिंग को ब्रेजिंग से अलग करता है। ∎ दो समान या भिन्न धातुओं के तारों, टुकड़ो आदि को ऊष्मा प्रक्रिया द्वारा किसी तीसरी धातु की सहायता से जोड़ने की क्रिया सोल्डरिंग कहलाती है। यह तीसरी धातु, ‘फिलर’ धातु या ‘सोल्डर’ कहलाती है। ∎ फिलर धातु का गलनांक सदैव जोड़ी जाने वाली धातुओं के गलनांक से कम होता है। ब्रेजिंग (Brazing)– ∎ दो एक जैसी व भिन्न-भिन्न धातुओं पर कठोर जोड़ लगाने की विधि को ब्रेजिंग कहते हैं। ∎ इसमें जोड़ने के लिए स्पेल्टर या सिल्वर सोल्डर प्रयोग में लाए जाते हैं।

Explanations:

फिलर धातु का गलनांक, सोल्डरिंग को ब्रेजिंग से अलग करता है। ∎ दो समान या भिन्न धातुओं के तारों, टुकड़ो आदि को ऊष्मा प्रक्रिया द्वारा किसी तीसरी धातु की सहायता से जोड़ने की क्रिया सोल्डरिंग कहलाती है। यह तीसरी धातु, ‘फिलर’ धातु या ‘सोल्डर’ कहलाती है। ∎ फिलर धातु का गलनांक सदैव जोड़ी जाने वाली धातुओं के गलनांक से कम होता है। ब्रेजिंग (Brazing)– ∎ दो एक जैसी व भिन्न-भिन्न धातुओं पर कठोर जोड़ लगाने की विधि को ब्रेजिंग कहते हैं। ∎ इसमें जोड़ने के लिए स्पेल्टर या सिल्वर सोल्डर प्रयोग में लाए जाते हैं।