Correct Answer:
Option B - ऐमीनों में भी नाइट्रोजन परमाणु पर एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म उपस्थित होता है तथा ऐमीनो यौगिक भी क्षारकीय होते हैं। एल्किल समूहों के + I प्रभाव के कारण से इलेक्ट्रॉनों को दूसरी ओर विस्थापित करते है। अत: ऐमीनो में नाइट्रोजन परमाणु पर उपस्थित एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म की प्राप्यता (availability) बढ़ जाती है। जब कि ऐमाइडो में - I प्रभाव के कारण ये इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करते हैं।
ऐल्किल समूह के इलेक्ट्रॉन विमोची प्रेरणिक प्रभाव ( प्रभाव) के कारण ऐमीन, ऐमाइडो से अधिक क्षारीय होते हैं।
B. ऐमीनों में भी नाइट्रोजन परमाणु पर एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म उपस्थित होता है तथा ऐमीनो यौगिक भी क्षारकीय होते हैं। एल्किल समूहों के + I प्रभाव के कारण से इलेक्ट्रॉनों को दूसरी ओर विस्थापित करते है। अत: ऐमीनो में नाइट्रोजन परमाणु पर उपस्थित एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म की प्राप्यता (availability) बढ़ जाती है। जब कि ऐमाइडो में - I प्रभाव के कारण ये इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करते हैं।
ऐल्किल समूह के इलेक्ट्रॉन विमोची प्रेरणिक प्रभाव ( प्रभाव) के कारण ऐमीन, ऐमाइडो से अधिक क्षारीय होते हैं।