Correct Answer:
Option A - जून 1994 में सलामांका (स्पेन में) की सरकार और यूनेस्कों ने मिलकर समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने, बुनियादी शिक्षा की नीतियों में बदलाव करने पर विचार किया। ताकि स्कूल के सभी बच्चों को शिक्षा मिल सके विशेषकर विकलांग या विशेष आवश्यकता वाले छात्र। ये दस्तावे़ज स्कूलों में बेहतर काम करने और सभी के लिए शिक्षा के सिद्धान्त को पूरा करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उकपरण हैं। सलामांका स्टेटमेंट विशेष शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दस्तावे़ज के रूप में आई। जो विशेष बच्चों की शिक्षा की रूपरेखा तैयार करने और समावेशी शिक्षा पर विचार करती हैं। सलामांका स्टेटमेंट कहता है कि प्रत्येक बच्चे के पास शिक्षा का अधिकार है क्योंकि प्रत्येक बच्चे में अद्वितीय विशेषताएँ, रूचियाँ, क्षमतायें होती हैं। अत: इनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष शिक्षा को विद्यालयों में प्रदान करनी चाहिए।
A. जून 1994 में सलामांका (स्पेन में) की सरकार और यूनेस्कों ने मिलकर समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने, बुनियादी शिक्षा की नीतियों में बदलाव करने पर विचार किया। ताकि स्कूल के सभी बच्चों को शिक्षा मिल सके विशेषकर विकलांग या विशेष आवश्यकता वाले छात्र। ये दस्तावे़ज स्कूलों में बेहतर काम करने और सभी के लिए शिक्षा के सिद्धान्त को पूरा करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उकपरण हैं। सलामांका स्टेटमेंट विशेष शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दस्तावे़ज के रूप में आई। जो विशेष बच्चों की शिक्षा की रूपरेखा तैयार करने और समावेशी शिक्षा पर विचार करती हैं। सलामांका स्टेटमेंट कहता है कि प्रत्येक बच्चे के पास शिक्षा का अधिकार है क्योंकि प्रत्येक बच्चे में अद्वितीय विशेषताएँ, रूचियाँ, क्षमतायें होती हैं। अत: इनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष शिक्षा को विद्यालयों में प्रदान करनी चाहिए।