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Q: Which state is the first in India who has made roof top rainwater harvesting structure legally compulsory to all houses?/भारत में ऐसा कौन-सा प्रथम राज्य है, जिसने सभी घरों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन को कानूनी रूप से अनिवार्य बना दिया है?
  • A. Rajasthan/राजस्थान ने
  • B. Haryana/हरियाणा ने
  • C. Tamil Nadu/तमिलनाडु ने
  • D. More than one of the above/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above /उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - भारत में तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जहाँ पूरे राज्य में हर घर में छत पर वर्षाजल संग्रहण ढ़ाँचों का बनाना आवश्यक कर दिया गया है। इस सन्दर्भ में दोषी व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है। छतजल संग्रहण, वर्षा जल के संरक्षण की एक उत्तम विधि है। पश्चिमी भारत, विशेषकर राजस्थान में पीने का जल एकत्रित करने का यह एक आम तरीका था। जिसके लिये भूमिगत ‘टैंक’ तथा ‘‘टाँका’’ का प्रयोग किया जाता था, परन्तु दुख की बात यह है कि आज पश्चिमी राजस्थान में छत वर्षाजल संग्रहण की रीति इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध बारहमासी पेयजल के कारण कम होती जा रही है।
C. भारत में तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जहाँ पूरे राज्य में हर घर में छत पर वर्षाजल संग्रहण ढ़ाँचों का बनाना आवश्यक कर दिया गया है। इस सन्दर्भ में दोषी व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है। छतजल संग्रहण, वर्षा जल के संरक्षण की एक उत्तम विधि है। पश्चिमी भारत, विशेषकर राजस्थान में पीने का जल एकत्रित करने का यह एक आम तरीका था। जिसके लिये भूमिगत ‘टैंक’ तथा ‘‘टाँका’’ का प्रयोग किया जाता था, परन्तु दुख की बात यह है कि आज पश्चिमी राजस्थान में छत वर्षाजल संग्रहण की रीति इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध बारहमासी पेयजल के कारण कम होती जा रही है।

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भारत में तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जहाँ पूरे राज्य में हर घर में छत पर वर्षाजल संग्रहण ढ़ाँचों का बनाना आवश्यक कर दिया गया है। इस सन्दर्भ में दोषी व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है। छतजल संग्रहण, वर्षा जल के संरक्षण की एक उत्तम विधि है। पश्चिमी भारत, विशेषकर राजस्थान में पीने का जल एकत्रित करने का यह एक आम तरीका था। जिसके लिये भूमिगत ‘टैंक’ तथा ‘‘टाँका’’ का प्रयोग किया जाता था, परन्तु दुख की बात यह है कि आज पश्चिमी राजस्थान में छत वर्षाजल संग्रहण की रीति इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध बारहमासी पेयजल के कारण कम होती जा रही है।