Correct Answer:
Option C - 1867 में बम्बई में केशवचन्द्र सेन के सहयोग से आत्माराम पांडुरंग ने प्रार्थना समाज की स्थापना बम्बई में की। महादेव गोविन्द रानाडे, आर.जी. भंडारकर एवं एन.जी. चंदावरकर प्रार्थना समाज के प्रमुख सदस्य थे। इसका प्रमुख उद्देश्य- स्त्री शिक्षा को प्रोत्साहन, विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहन तथा लड़के और लड़कियों की शादी की आयु में वृद्धि आदि थे। वेद समाज की स्थापना 1864 ई. में मद्रास में के. श्री धरालु नायडु ने केशवचन्द्र सेन की प्रेरणा से किया इसे ‘दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज’ भी कहा जाता है।
C. 1867 में बम्बई में केशवचन्द्र सेन के सहयोग से आत्माराम पांडुरंग ने प्रार्थना समाज की स्थापना बम्बई में की। महादेव गोविन्द रानाडे, आर.जी. भंडारकर एवं एन.जी. चंदावरकर प्रार्थना समाज के प्रमुख सदस्य थे। इसका प्रमुख उद्देश्य- स्त्री शिक्षा को प्रोत्साहन, विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहन तथा लड़के और लड़कियों की शादी की आयु में वृद्धि आदि थे। वेद समाज की स्थापना 1864 ई. में मद्रास में के. श्री धरालु नायडु ने केशवचन्द्र सेन की प्रेरणा से किया इसे ‘दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज’ भी कहा जाता है।