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Q: Which revolutionaries were hanged in the 'Kakori Train Robbery Case'? ‘काकोरी ट्रेन डवैâती काण्ड’ में किन क्रांतिकारियों को फाँसी की सजा दी गई थी?
  • A. Ram Prasad Bismil and Ashfaqulla रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाकउल्ला
  • B. Veer Savarkar and Vasudev Chapekar वीर सावरकर और वासुदेव चापेकर
  • C. Prafulla Chandra Chaki and Khudiram Bose प्रफुल्लचंद्र चाकी और खुदीराम बोस
  • D. Surya Sen and Undham Singh सूर्य सेन और उधम सिंह
Correct Answer: Option A - रिपब्लिक एसोसिएशन का सबसे प्रमुख कार्य काकोरी डकैती था। 9 अगस्त 1925 को एसोसिएशन के सदस्यों ने सहारनपुर लखनऊ लाइन पर 8 डाउन रेलगाड़ी को काकोरी नामक गाँव में रोककर खजाने को लूट लिया। सरकार इस घटना से अत्यन्त क्रोधित हो गई उसने भारी संख्या में क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर उन पर काकोरी काण्ड का मुकदमा चलाया। रामप्रसाद बिस्मिल (गोरखपुर), अशफाक उल्ला खाँ (फैजाबाद), ठाकुर रोशन सिंह (इलाहाबाद), और राजेन्द्र लाहड़ी (गोण्डा) में फांसी दे दी गई।
A. रिपब्लिक एसोसिएशन का सबसे प्रमुख कार्य काकोरी डकैती था। 9 अगस्त 1925 को एसोसिएशन के सदस्यों ने सहारनपुर लखनऊ लाइन पर 8 डाउन रेलगाड़ी को काकोरी नामक गाँव में रोककर खजाने को लूट लिया। सरकार इस घटना से अत्यन्त क्रोधित हो गई उसने भारी संख्या में क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर उन पर काकोरी काण्ड का मुकदमा चलाया। रामप्रसाद बिस्मिल (गोरखपुर), अशफाक उल्ला खाँ (फैजाबाद), ठाकुर रोशन सिंह (इलाहाबाद), और राजेन्द्र लाहड़ी (गोण्डा) में फांसी दे दी गई।

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रिपब्लिक एसोसिएशन का सबसे प्रमुख कार्य काकोरी डकैती था। 9 अगस्त 1925 को एसोसिएशन के सदस्यों ने सहारनपुर लखनऊ लाइन पर 8 डाउन रेलगाड़ी को काकोरी नामक गाँव में रोककर खजाने को लूट लिया। सरकार इस घटना से अत्यन्त क्रोधित हो गई उसने भारी संख्या में क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर उन पर काकोरी काण्ड का मुकदमा चलाया। रामप्रसाद बिस्मिल (गोरखपुर), अशफाक उल्ला खाँ (फैजाबाद), ठाकुर रोशन सिंह (इलाहाबाद), और राजेन्द्र लाहड़ी (गोण्डा) में फांसी दे दी गई।