Correct Answer:
Option A - मुहम्मद गोरी के आक्रमण के समय दिल्ली और अजमेर में चौहान वंशीय शासक पृथ्वीराज तृतीय जिसे ‘राय पिथौरा’ के नाम से भी जाना जाता है, का शासन था। वह सभी तत्कालीन भारतीय शासकों में सर्वाधिक शक्तिशाली था। अत्यधिक महत्वाकांक्षी होने के कारण उसने पड़ोसी राजाओं से संघर्ष किया तथा सभी से शत्रुता मोल ली। 1191 ई. में तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी को पराजित किया किन्तु 1192 ई. में तराइन के द्वितीय युद्ध में वह मुहम्मद गोरी से पराजित हो गया।
A. मुहम्मद गोरी के आक्रमण के समय दिल्ली और अजमेर में चौहान वंशीय शासक पृथ्वीराज तृतीय जिसे ‘राय पिथौरा’ के नाम से भी जाना जाता है, का शासन था। वह सभी तत्कालीन भारतीय शासकों में सर्वाधिक शक्तिशाली था। अत्यधिक महत्वाकांक्षी होने के कारण उसने पड़ोसी राजाओं से संघर्ष किया तथा सभी से शत्रुता मोल ली। 1191 ई. में तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी को पराजित किया किन्तु 1192 ई. में तराइन के द्वितीय युद्ध में वह मुहम्मद गोरी से पराजित हो गया।