Correct Answer:
Option D - संरचनात्मक विश्लेषण में मूलर-ब्रेसलाऊ (Muller- Breslau) सिद्धांत का उपयोग किसी भी बल कार्य (force function) जैसे-कर्तन बल, नमन आघूर्ण या किसी प्रतिक्रियाशील बल (Reactive force) या आघूर्ण (moment) के लिए प्रभाव रेखा (Influence line) आरेख बनाने के लिए किया जाता है।
मूलर ब्रेसलाऊ सिद्धान्त का उपयोग (use of muller Breslau Priniciple)-
(i) प्रभाव रेखा का आकृति निर्धारण में
(ii) अधिकतम प्रभाव को प्राप्त करने हेतु भारित संरचना के भाग को इंगित करने के लिए।
(iii) प्रभाव रेखा की कोटि के गणना करने में।
D. संरचनात्मक विश्लेषण में मूलर-ब्रेसलाऊ (Muller- Breslau) सिद्धांत का उपयोग किसी भी बल कार्य (force function) जैसे-कर्तन बल, नमन आघूर्ण या किसी प्रतिक्रियाशील बल (Reactive force) या आघूर्ण (moment) के लिए प्रभाव रेखा (Influence line) आरेख बनाने के लिए किया जाता है।
मूलर ब्रेसलाऊ सिद्धान्त का उपयोग (use of muller Breslau Priniciple)-
(i) प्रभाव रेखा का आकृति निर्धारण में
(ii) अधिकतम प्रभाव को प्राप्त करने हेतु भारित संरचना के भाग को इंगित करने के लिए।
(iii) प्रभाव रेखा की कोटि के गणना करने में।