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Q: Which politician has stated "I have read the lesson of politics at the feet of Surendra Nath Banerjee"? ‘‘मैने राजनीति का प्रथम पाठ सुरेन्द्र नाथ बनर्जी के चरणों में पढ़ा’’ यह कथन किस राजनीतिज्ञ का है?
  • A. Subhas Chandra Bose / सुभास चन्द्र बोस
  • B. Mohammad Ali Jinnah / मुहम्मद अली जिन्ना
  • C. Maulana Abul Kalam Azad मौलाना अबुल कलाम आजाद
  • D. Dr. M.A. Ansari / डा. एम. ए. अन्सारी
Correct Answer: Option B - ‘‘मैने राजनीति का प्रथम पाठ सुरेन्द्र नाथ बनर्जी के चरणों में पढ़ा’’ यह कथन मुहम्मद अली जिन्ना का है। मोहम्मद अली जिन्ना जिन्हे ‘कायद-ए-आजम’ भी कहा जाता है। एक भारतीय मुस्लिम राजनीतिज्ञ थे, जो पाकिस्तान के संस्थापक और प्रथम गवर्नर जनरल (1947-48) बनें। जिन्ना ने अपने राजनीतिक करियर का प्रारम्भ 1906 के कांग्रेस अधिवेशन में भाग ले कर किया। प्रारम्भ में ये एक राष्ट्रवादी राजनीतिज्ञ थे परन्तु शनै-शनै ये सांप्रदायिकता कि जाल में फंसते चले गये जिसकी परिणति भारत से विभाजित हो कर एक नये राष्ट्र के उदय के रूप में होती है।
B. ‘‘मैने राजनीति का प्रथम पाठ सुरेन्द्र नाथ बनर्जी के चरणों में पढ़ा’’ यह कथन मुहम्मद अली जिन्ना का है। मोहम्मद अली जिन्ना जिन्हे ‘कायद-ए-आजम’ भी कहा जाता है। एक भारतीय मुस्लिम राजनीतिज्ञ थे, जो पाकिस्तान के संस्थापक और प्रथम गवर्नर जनरल (1947-48) बनें। जिन्ना ने अपने राजनीतिक करियर का प्रारम्भ 1906 के कांग्रेस अधिवेशन में भाग ले कर किया। प्रारम्भ में ये एक राष्ट्रवादी राजनीतिज्ञ थे परन्तु शनै-शनै ये सांप्रदायिकता कि जाल में फंसते चले गये जिसकी परिणति भारत से विभाजित हो कर एक नये राष्ट्र के उदय के रूप में होती है।

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‘‘मैने राजनीति का प्रथम पाठ सुरेन्द्र नाथ बनर्जी के चरणों में पढ़ा’’ यह कथन मुहम्मद अली जिन्ना का है। मोहम्मद अली जिन्ना जिन्हे ‘कायद-ए-आजम’ भी कहा जाता है। एक भारतीय मुस्लिम राजनीतिज्ञ थे, जो पाकिस्तान के संस्थापक और प्रथम गवर्नर जनरल (1947-48) बनें। जिन्ना ने अपने राजनीतिक करियर का प्रारम्भ 1906 के कांग्रेस अधिवेशन में भाग ले कर किया। प्रारम्भ में ये एक राष्ट्रवादी राजनीतिज्ञ थे परन्तु शनै-शनै ये सांप्रदायिकता कि जाल में फंसते चले गये जिसकी परिणति भारत से विभाजित हो कर एक नये राष्ट्र के उदय के रूप में होती है।