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Q: किस भारतीय राष्ट्रपति ने भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक, 1986 के लिए पॉकेट वीटो का उपयोग किया था?
  • A. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  • B. के. आर. नारायण
  • C. ज्ञानी जैल सिंह
  • D. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
Correct Answer: Option C - भारतीय राष्ट्रपति को ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket veto) की शक्ति प्राप्त है। इस शक्ति का प्रयोग पहली बार देश के सातवें तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने (1986 में) संसद द्वारा पारित भारतीय डाकघर संशोधन विधेयक में किया था। राष्ट्रपति द्वारा पॉकेट वीटो का प्रयोग विधेयक को अनिश्चित काल के लिये लंबित रखने के लिए किया जाता है। वह न तो विधेयक को अस्वीकार करता है और न ही विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटाता है।
C. भारतीय राष्ट्रपति को ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket veto) की शक्ति प्राप्त है। इस शक्ति का प्रयोग पहली बार देश के सातवें तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने (1986 में) संसद द्वारा पारित भारतीय डाकघर संशोधन विधेयक में किया था। राष्ट्रपति द्वारा पॉकेट वीटो का प्रयोग विधेयक को अनिश्चित काल के लिये लंबित रखने के लिए किया जाता है। वह न तो विधेयक को अस्वीकार करता है और न ही विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटाता है।

Explanations:

भारतीय राष्ट्रपति को ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket veto) की शक्ति प्राप्त है। इस शक्ति का प्रयोग पहली बार देश के सातवें तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने (1986 में) संसद द्वारा पारित भारतीय डाकघर संशोधन विधेयक में किया था। राष्ट्रपति द्वारा पॉकेट वीटो का प्रयोग विधेयक को अनिश्चित काल के लिये लंबित रखने के लिए किया जाता है। वह न तो विधेयक को अस्वीकार करता है और न ही विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटाता है।